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राजेन्द्र यादव को शब्द साधक शिखर सम्मान


राजेन्द्र यादव को शब्द साधक शिखर सम्मान
(पंकज सुबीर को शब्द साधना जनप्रिय सम्मान तथा मृत्युंजय प्रभाकर को शब्द साधना युवा सम्मान ।
)
दिल्ली । जे सी जोशी स्मृति साहित्य सम्मान के तहत दिया जाने वाला चौथा शब्द साधक शिखर सम्मान हिन्दी के प्रख्यात कथाकार और हंस के संपादक श्री राजेन्द्र यादव को देने का निर्णय हुआ है । श्री यादव को यह सम्मान आगामी 27 अगस्त को उनके जन्मदिन की पूर्व संध्या पर पाखी महोत्सव में दिया जायेगा । इस सम्मान के तहत उन्हें 51 हजार रुपये, एक स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र दिया जायेगा । इस मौके पर पाखी के श्री राजेन्द्र यादव पर केंद्रित अंक का लोकार्पण भी होना है । यह सूचना श्री अपूर्व जोशी ने दी, जो इंडिपेंडेंट मीडिया इनिशिएटिव सोसायटी के अध्यक्ष और दि संडे पोस्ट के संपादक हैं ।
श्री राजेन्द्र यादव के पहले यह सम्मान स्व. विष्णु प्रभाकर, श्रीलाल शुक्ल और श्री नामवर सिंह को दिया जा चुका है । यह सम्मान उन्हें समग्र साहित्यिक अवदान के लिये दिया जा रहा है । नयी कहानी आंदोलन की त्रयी में से एक रहे राजेन्द्र यादव का जन्म 28 अगस्त 1929 को आगरा में हुआ । ‘सारा आकाश’, ‘उखड़े हुए लोग’, ‘शह और मात’ जैसे उपन्यास लिख चुके श्री राजेन्द्र यादव अगस्त 1986 से हंस मासिक साहित्यिक पत्रिका का संपादन कर रहे हैं । इस पत्रिका ने दलित और स्त्री विमर्श को नयी जमीन दी । हंस ने इस साल 25 वर्ष पूरे कर रजत जयंती मनायी है ।





शब्द साधक शिखर सम्मान के अलावा चौथा शब्द साधक जनप्रिय सम्मान कथाकार पंकज सुबीर के उपन्यास ये वो सहर तो नहीं को देने का निर्णय हुआ है । ये उपन्यास भारतीय ज्ञानपीठ से पिछले साल प्रकाशित हुआ है । इसी तरह चौथा शब्द साधना युवा सम्मान (कविता) के लिये जूरी ने मृत्युंजय प्रभाकर को देने का निर्णय लिया है । शब्द साधना जनप्रिय सम्मान के तहत 21 हजार रुपये स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र दिया जायेगा । शब्द साधना युवा सम्मान के तहत 11 हजार रुपये और स्मृति चिह्न तथा प्रशस्ति पत्र दिया जायेगा । इस बार जूरी के सदस्य थे- रमणिका गुप्त, विजेन्द्र और दिनेश कुशवाहा । ये तमाम सम्मान 27 अगस्त को दिल्ली के हिन्दी भवन में सायं पांच बजे पाखी महोत्सव में दिये जाएंगे ।
इंडिपेंडेंट मीडिया इनिशिएटिव सोसायटी पिछले दस साल से हिन्दी साहित्य का प्रकाशन तथा अन्य सामाजिक गतिविधियां कर रही है । जिसमें दस साल से लगातार हिन्दी साप्ताहिक अखबार दि संडे पोस्ट के प्रकाशन के अलावा तीन साल से हिन्दी पत्रिका पाखी का भी प्रकाशन कर रही है । इसके अलावा सोसायटी ने कई जाने माने लेखकों की पुस्तकें भी प्रकाशित की हैं ।

3 टिप्पणियाँ:

सुनील गज्जाणी said...

शब्द साधक सम्मान के लिए सर्व श्री राजेंद्र यादव जी , श्री पंकज जी और श्री मृतुन्जय जी को हार्दिक हार्दिक बधाई .
सादर !

चंद्रमौलेश्वर प्रसाद said...

बधाई स्वीकारें॥

sakhi with feelings said...

सम्मान के लिए सर्व श्री राजेंद्र यादव जी , श्री पंकज जी और श्री मृतुन्जय जी को हार्दिक हार्दिक बधाई

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